^
यूहन्‍ना
वचन मनुष्‍य बनलाह
यूहन्‍नाक गवाही
यीशु—परमेश्‍वरक बलि-भेँड़ा
यीशुक सभ सँ पहिलुका शिष्‍य सभ
यीशु विवाहक उत्‍सव मे
यीशु मन्‍दिर मे
नव जन्‍मक उपदेश
यीशुक विषय मे बपतिस्‍मा देबऽ वला यूहन्‍नाक गवाही
सामरी स्‍त्री और यीशुक जीवन-जल
बहुतो सामरी लोकक विश्‍वास
हाकिमक पुत्र केँ स्‍वस्‍थ कयलनि
अड़तीस वर्षक रोगी तुरत स्‍वस्‍थ भऽ गेल
पुत्र द्वारा जीवन
यीशुक विषय मे गवाही
पाँचटा रोटी आ पाँच हजार आदमीक भोजन
झीलक पानि पर यीशु चललाह
जीवनक रोटी—यीशु
अनेक शिष्‍य यीशु केँ छोड़ि देलनि
यीशु झोपड़ीक पाबनि मे
यीशुक उपदेश
की यैह उद्धारकर्ता-मसीह छथि?
धर्मगुरु सभक अविश्‍वास
कुकर्मी स्‍त्री केँ क्षमादान
अपना बारे मे यीशुक गवाही
यीशुक चेतावनी
सत्‍य अहाँ सभ केँ स्‍वतन्‍त्र कऽ देत
“अब्राहमक जन्‍मो सँ पहिने हम छी”
जन्‍मक आन्‍हर देखऽ लागल
फरिसी सभ लग आन्‍हर व्‍यक्‍तिक गवाही
आत्‍मिक आन्‍हर
भेँड़शालाक उपमा
नीक चरबाह
यहूदी सभक द्वारा विरोध
यीशुक मित्र लाजरक मृत्‍यु
“जीबि उठाबऽ वला और जीवन देबऽ वला हमहीं छी”
लाजर जीबि उठलाह
मुख्‍यपुरोहित सभक षड्‌यन्‍त्र
यीशुक सम्‍मान मे भोज
यरूशलेम मे यीशुक प्रवेश
मृत्‍यु सँ जीवन
क्रूसक मृत्‍युक संकेत
परमेश्‍वरक प्रवक्‍ताक कथन पूरा भेल
यीशु शिष्‍य सभक पयर धोलनि
विश्‍वासघाती शिष्‍यक दिस संकेत
नव आज्ञा
यीशु पत्रुसक कमजोरीक विषय मे जनैत छलाह
“रस्‍ता हमहीं छी”
यीशु सहायक पठौताह
“हम अंगूर-लत्ती छी”
संसारक दुश्‍मनी
पवित्र आत्‍माक काज
“दुःख सुख मे बदलि जायत”
अपना लेल यीशुक प्रार्थना
शिष्‍य सभक लेल प्रार्थना
सभ विश्‍वासीक लेल प्रार्थना
यीशु बन्‍दी बनाओल गेलाह
पत्रुस द्वारा यीशु केँ अस्‍वीकार
महापुरोहित द्वारा पूछ-ताछ
पत्रुस फेर अस्‍वीकार कयलनि
राज्‍यपाल पिलातुसक समक्ष यीशु
यीशु केँ मृत्‍युदण्‍ड
क्रूस
यीशुक मृत्‍यु
कबर मे यीशुक लास
कबर खाली अछि!
मरियम केँ यीशुक दर्शन
शिष्‍य सभ केँ यीशुक दर्शन
थोमा केँ यीशुक दर्शन
पोथी लिखबाक प्रयोजन
झीलक कात मे शिष्‍य सभ केँ दर्शन
पत्रुसक लेल आदेश
सारांश